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बालगृह से भागे चार बच्चे, दो घंटे बाद विक्रमनगर स्टेशन पर मिले
उज्जैन | देवासरोड लालपुर के शासकीय बालगृह से रविवार तड़के 4.30 बजे खिड़की का सरिया छेनी-हथौड़ी से काटकर 16 साल के चार बच्चे भाग निकले। उनके भागने का पता चलते ही नागझिरी थाने पर सूचना दी गई। पुलिस ने दो घंटे बाद चारों को विक्रमनगर स्टेशन से खोजा व बालगृह पहुंचाया। एक माह में बालगृह से तीसरी बार बच्चे भागे हैं। स्टेशन से मिले बच्चों ने भागने के पीछे पुलिस को अच्छा खाना नहीं मिलना व काम करवाना वजह बताई। जबकि जिम्मेदारों का कहना था कि एक किशोर को मोबाइल पर बात करते शनिवार को पकड़ा था। उससे मोबाइल भी जब्त किया था। इसी के बाद वे योजना बना भागे।
रविवार तड़के सुबह 4.30 बजे बालगृह में खिड़की का सरिया कटा हुआ देख पर्यवेक्षक मेहताबसिंह परस्ते व मौजूद कर्मचारी घबरा गए। सबसे पहले 100 नंबर डायल कर बच्चों के भागने की सूचना दी, फिर नागझिरी थाने पहुंचकर पुलिस को घटना बताई। पुलिस बच्चों को खोजते हुए विक्रमनगर रेलवे स्टेशन पर पहुंची जहां चारों किशोर दिख गए। उन्हें थाने लाकर पुलिस ने घटना की जानकारी ली तो बच्चाे ने अच्छा खाना नहीं मिलना व काम कराने से गुस्सा होकर भागना बताया। इसके बाद सभी को बालगृह के अधिकारियों के सुपुर्द किया। नागझिरी टीआई संजय वर्मा के मुताबिक पहले भी बच्चे भाग चुके है। बालगृह अधीक्षिका मधुमति सिरोले से कुछ दिन पहले ही इस संदर्भ में बात कर उनसे कहा गया था कि सुरक्षा के अलावा बच्चों पर भी ध्यान दिया जाए। इधर घटना के बाद रविवार शाम बालगृह में अंजली खड़के व अन्य अधिकारी पहुंचे तथा बच्चों को टॉफिया बांटी। काफी देर उनसे बात कर समझाइस भी दी।